करुणा --
मानव मन की सुकोमल भावना
जो नहीं स्वीकारती कोई बंधन,
स्वर्ग से धरती पर निःशब्द झरती -
वर्षा की शीतल बूंदों की तरह.
साथ लाती दोहरा वरदान -
जो धन्य करता -
पाने वाले के साथ साथ -
देने वाले को भी.
करुणा --
शक्तियों में परम शक्ति -
जो शोभती किसी सम्राट के शीश पर -
उसके राजमुकुट से भी अधिक।
राजदंड तो होता प्रतीक -
सांसारिक शक्ति का -
जो उत्पन्न करता दूसरों में
भय और आतंक।
किन्तु करुणा निवास करती --
राजाओं के अंत:स्थल में -
ईश्वरीय गुण का रूप धारण कर।
इसलिए जब- जब अनुप्राणित होता -
राजा का न्याय -
करुणा की भावना से -
तब - तब सांसारिक सत्ता भी -
प्रतीत होने लगती है --
ईश्वर के समकक्ष ही.
विलियम शेक्सपियर की कविता ' The Quality Of Mercy' का भावानुवाद.

