करुणा --
मानव मन की कोमलतम भावना
जो नहीं स्वीकारती कोई बंधन,
और होती, स्वर्ग से निः शब्द उतर -
धरती की गोद में समाने वाली -
वर्षा की शीतल बूंदों जैसी!
आती साथ लेकर दोहरा वरदान
धन्य करता समान रूप से जो
पाने वाले के साथ साथ
देने वाले को भी.
करुणा -- मानव मन की कोमलतम भावना जो नहीं स्वीकारती कोई बंधन, ...
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