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कहते हैं सागर के निकट पहुँचने पर- उसमें मिलने से पहले- एक अनाम भय से - काँप उठती है नदी। याद करने लगती है उन पर्व...
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उस काली रात से निकलकर - जो चारों ओर से मुझे घेरे है-- मैं आभार करता हूँ - उन ज्ञात - अज्ञात देवताओं का - जिनकी कृपा स...
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